Kabj Ka ilaj in Hindi , कब्ज के घरेलू उपाय- पेट में कब्ज की समस्या किसी समय लगभग हर इंसान हो ही जाती है। इसका मतलब आपकी बोवेल मूवमेंट ( Bowel Movement) सामान्य से थोड़ी कम हो रही है । बॉवेल मूवमेंट को आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब मल त्याग की फ्रीक्वेंसी में कमी आ जाना होता है। मल त्याग की अवधि हर इंसान के लिए अलग-अलग हो सकती है कुछ लोगों की बॉवेल मूवमेंट दिन में तीन बार होती हैं तो कुछ लोगों की हफ्ते में कुछ ही बार। अगर सप्ताह में 4 दिन से ज्यादा बार आपकी बॉवेल मूवमेंट नहीं होती है तो इसे ही कब्ज होना कहते हैं।
दूसरे शब्दों में कब्जी वह स्थिति है जब आपके पेट में मल पूरी तरह से साफ नहीं हो पाता या मल त्याग में कठिनाई होती है।आइए आज हम जानेंगे के पेट मे कब्ज होने से कैसे रोकी जाए और उसके घरेलू उपचार(Kabj ka Gharelu Upay) क्या हैं ।
Table of Contents
Also Read- Sunflower Seeds In Hindi- सूरजमुखी के बीज के फायदे
पेट में कब्ज के मुख्य कारण (Causes of Constipation)

- अस्वस्थ भोजन– गलत खाने की वजह से पेट में कब्जी की समस्या हो सकती है। फाइबर की कमी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कब्जी का प्रमुख कारण है।
- पानी की कमी– शरीर में जल की कमी होने से मल कठोर हो जाता है, जिससे मल त्याग कठिन हो जाता है। इससे कब्जी की समस्या बनती है ।
- अनियमित दिनचर्या– समय पर भोजन न करना, पर्याप्त नींद न लेना और कम शारीरिक गतिविधि करना कब्जी को बढ़ावा देता है।
- इसके अलावा अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते हैं या फिर बहुत सारे डेरी के उत्पादों पनीर, दूध का सेवन करते हैं तो भी आपको कब्ज की समस्या हो सकती है ।
- मानसिक तनाव पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करता है और कब्जी का कारण बनता है।
- हम जो दवा लेते हैं वह हमें बेहतर महसूस करने में मदद करती है, लेकिन कभी-कभी इसके दुष्प्रभाव भी होते हैं जो कब्जी के रूप मे सामने आते हैं ।
कब्ज का घरेलू उपचार (Kabj ka Desi Ilaj)
यदि आप कब्ज़ महसूस कर रहे हैं, तो कब्ज से राहत पाने की कोशिश करने के कई तरीके (Kabj ke Upay) हैं। कब्ज के हल्के, अनियमित मामलों के इलाज के लिए घरेलू उपचार अक्सर सबसे अच्छा तरीका होता है, जबकि अधिक पुराने मामलों (Purani Kabj ka Ilaj) के इलाज के लिए दवा की आवश्यकता हो सकती है। अगर आप भी Pet Saaf Karne ki Dava का सेवन कर रहे हैं तो यहाँ हम आपको कुछ घरेलू उपचार के बारे में बताएंगे जिनके प्रयोग से आप बिना किसी दवा के अपनी कब्जी को ठीक कर पाएंगे।
- गुनगुना पानी– सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है,और मल त्याग में आसानी होती है। हर दिन सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। ये पेट साफ करने के साथ साथ हमारे शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को भी बाहर करता है ।
- फाइबर युक्त भोजन– फाइबर युक्त आहार जैसे फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज खाने से कब्जी में राहत मिलती है। हमे अपने अनाज , दालों और फलों को जितना हो सके साबुत प्रयोग में लेना चाहिए । फलों के रस में फाइबर की मात्र बहुत कम हो जाती है इसलिए कोशिश करनी चाहिए की हमे जूस के वजाय साबुत फल खाने चाहिए ।
- त्रिफला चूर्ण का प्रयोग– रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से कब्जी में सुधार होता है। रोज रात को त्रिफला चूर्ण (Pet Saaf Karne ka Churn) का प्रयोग करना चाहिए । यह हम किसी भी अच्छी कंपनी का त्रिफला चूर्ण ले सकते हैं अथवा घर भी बना सकते हैं ।
- नींबू और शहद– गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने से पेट साफ रहता है । यह बहुत कारगर घरेलू उपाय है।
- नींबू और काला नमक– एक ग्लास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच काला नमक डालें। फिर इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। 5-6 दिनों तक नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपको कब्ज से राहत मिल जाएगी।
- पपीता और अमरूद– ये फल पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं और कब्जी में राहत पहुंचाते हैं। पपीता और अमरूद प्राकृतिक लैक्सटिव कहे जाते हैं । इनका नियमित सेवन से अगर किसी को कब्जी की समस्या होती है तो खत्म हो जाती है और अगर नहीं है तो कभी नहीं होती । इसलिए इन फलों को अपनी दैनिक डाइट में जरूर शामिल करें ।
Also Read- Pachan Shakti Kaise Badhaye- पाचन शक्ति कैसे बढ़ाएँ
कब्जी एक आम समस्या है लेकिन इसे अनदेखा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सही आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त पानी पीने से इसे रोका जा सकता है । ऊपर बताए गए घरेलू उपचार के द्वारा इसे ठीक भी (Kabj Ka ilaj) किया जा सकता है । अगर घरेलू उपचार से आराम नहीं मिल पा रहा है तो अवश्य ही अपने चिकित्सक को दिखाएँ ।